Posted in April 2013

संगीत और राजनीति

इल्ल्युमिनिटी संगीत का उपयोग एक हथियार के तौर पर करती है । संगीत का सिधा दिल से नाता होता है । और बारबार वही संगीत बजे तो वो और दिल की गहराई में घुस जाता है । संगीत के जरिये कोइ मेसेज पास करना हो तो जनता दिल से मान लेती है । बोलने वाला … Continue reading

भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद

  क्या इल्लुमिनिटी प्रभुपाद के आध्यात्मिक मिशन को नष्ट करने की कोशिश कर रही है ? विश्व प्रसिद्ध संत, भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद, सांस्कृतिक राजदूत, विद्वान, समाज सुधारक और इंटरनेशनल कृष्ण चेतना संस्था के संस्थापक, [इस्कॉन], ने सितंबर 1970 को लिखे एक पत्र में चेतावनी दी है: “यह तथ्य है की एक महा भयावह आंदोलन (इल्ल्युमिनिटी) … Continue reading

गाय की राजनीति

गाय और गंगा वैदिक काल से वैदिक संस्कृती के साथ जुडे हुए हैं । सनातन धर्म में दोनो को पवित्र स्थान मिला हुआ है और दोनों को माता कहा गया है । अर्थ तंत्र प्रारंभिक अवस्थामें था, खेती और पशुपालन ही प्रमुख व्यवसाय थे । खेती में नदियों का उपकार था तो नदियां पवित्र मानी … Continue reading

चारा भाईचारे का

एक मानव जात दूसरी मानव जात को कैसे हॅन्डल करती है, कैसे बेवकूफ बनाती है, जुठ का पूलिन्दा खोलकर कैसे हरा देती है ये बात आज हम जान चुके हैं । मानव की शातिर जातियां भोली जातियों को कभी जीतने नही देगी । भोली जातियों का भोलापन दूर करने के अलावा हमारे पास जीतने का … Continue reading

गोड की पसंदगी के लोग

गोड कौन है किसी को मालुम नही पर उसने एक बार अब्राह्म को पास बूला कर कहा की तूझे और तेरी संताननों को पूरी पृथ्वि आशिर्वाद के रूप में देता हुं । तब से अब्राह्म अपने आप को पूरी पृथ्वि का मालिक समजने लगा, और अपने बच्चों को भी बताता रहा । अब्राह्म जीस जीवन … Continue reading

जेट का इन्धन बडे काम का है

हां, जेट का इन्धन बडे काम का है, हे…..हे…….हा……हा…..हा….. हम से सवाल करते हैं….फ्लाईट-११ की ऍर होस्टेस ऍरबेज की लेडी से २५ मिनिट तक बात करती रही मदद के लिए, ऍरबेज के ओफिसरने उस लेडी को बात किसी को नही कहने और पायलोट को कोंटॅक्ट करने के लिए क्यों कहता रहा ? टावर के साथ … Continue reading

निर्यात लोकशाही का

अमरिकी प्रजा अपनी सरकार से सवाल करती रहती है क्यों हम अरबों का खर्चा कर के दुसरे देशों में डेमोक्रसी एक्स्पोर्ट कर रहे हैं ? खूद अमरिकी प्रजा का एक हिस्सा गरीबी के कारण भूखा रह जाता है और दुनिया के देशों में सरकार धन लुटाये तो जनता सवाल तो करेगी । लेकिन अमरिकाने अपनी … Continue reading

सेक्स के पाठ, सोसियल एन्जिनियरिन्ग

मेरे महान भारत के लोग क्या इतने आगे बढ गये हैं की कुदरत ने दी हुई, प्राणीसहज भय को भांपने की ताकात ही गंवा दी है ? अपने आप को महा मानव बना लिया की प्राणी की तरह कान खडे नही हो जाते भय का आगमन या आक्रमण होते समय भी । क्या हम इतने … Continue reading

तेरे पैर की लात, विकास का इन्जन है ।

सलाम, सबको सलाम, जीसके हाथमें दंडा उसे सलाम, लात के भय से दायां हाथ कुल्हे पर रख के बायें हाथ से सलाम ! देखने वालों को सलाम, नही देखने वालों को सलाम, खरिदार को सलाम, खरीदने का इशारा करनेवाले दल्ले को सलाम, सलाम भाई, सब को सलाम ! गुस्से से फटी आंख को सलाम, सिन्दुर … Continue reading