Posted in January 2013

आदमी को आदमी से लडाना

नोट ; हम कहते हैं हमारे पास नोलेज का खजाना है । बात सही है लेकिन साथ में भ्रम बहुत फैला हुआ है । क्या सच क्या जुठ तय करना मुश्किल है । मैं सिर्फ दुसरों से सहमत हुं ईस लिए लिखा है, सब को सहमत होना जरूरी नही । ——- जगत का संचालन करने … Continue reading

ॐ को बचाना है

एक धार्मिक प्रवासी स्टेफन क्नॅप के लेख पर आधारि——–जो २००१ मे लिखा गया था । सालों से हम देखते आ रहे हैं की भारतमें हिन्दुत्व को इसाइयत या इस्लाम में बदला जा रहा है । लेकिन मेरी भारत की मुलाकात के बाद साफ हो गया ही हकिकतमें क्या हो रहा है । इतना ही नही, … Continue reading

कुदरत की फटकार

कुदरत से पूछा आपने खराब आदमीयों को क्यों बनाया ? दिन रात काले कारनामे करते है । कुदरत ने कहा ” मुझ से हिसाब मत पूछ, हजार बार तूझे कह चुका हुं मैने तो मानव को प्राणी बना के छोड दिया है । तूम मानव प्राणीयों को अच्छे इन्सान बनने का शौक जगा था । … Continue reading